
Monika bisht
🎯बहुत सटीक आंकड़े हैं। आत्मज्ञान के अभाव में क्या डॉक्टर और क्या मरीज़, क्या शिक्षक और क्या विद्यार्थी, क्या वैज्ञानिक और क्या शोधकर्ता, सब फंसे पड़े हैं। प्रेमचंद ने कहा था की- काग़ज़ की डिग्री व्यर्थ है, अगर आत्मा जागृत नहीं है तो।
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