
Talking Mirror
प्रतीक्षा जी, यहीं देखिए क्या हो रहा है। आपने कहा कि आजकल हम अपना अहम पहले रखते हैं, गलत जानते हुए भी उसे मान लेते हैं। ये बात सही है। पर देखिए ये बात किसके बारे में कही जा रही है, हम के बारे में, आजकल के बारे में, समय के बारे में। अपने बारे में एक शब्द नहीं। अनसूया के सामने अपना भाई खड़ा था, अपना खून, अपना रिश्ता, ठीक सामने। पोस्ट का सवाल यही था, जब आपका अपना लाभ और सही चुनाव आमने सामने हों तो आप क्या चुनेंगे। और जवाब में आ गया एक सामान्य टिप्प…















