
Anuradha kumari
अगर हम समर्पण रखते हैं तो उत्कृष्ट मिलती है और हमें संघर्ष करने में जरा भी कष्ट नहीं लगता है बल्कि हमें ताकत मिलती है और यह तभी संभव है जब हमारी चेतना गहराई से जागृत हो चुकी होती है तब उसके सामने अहंकार बहुत छोटी सी दिखाई पड़ती है यह हम भी कर सकते हैं इसके लिए हमें प्रतिपल अवलोकन करना होगा अपने अहंकार का और देखना होगा कि क्या हम सत्य के प्रति पूर्ण रूप से समर्पण कर रहे हैं या नहीं संघर्ष करना चाहते हैं डर कर भगाना चाहते हैं















