
Divya Upadhyay
मुझे तो पशमीना के शॉल के बारे में कभी पता ही नहीं था और ना ही मैं इन बकरियों के बारे में जानती थी देखो कितनी नई-नई जानकारी मिल रही है आचार्य जी से जुड़ने पर थैंक यू आचार्य जी मैं बहुत सारे पोस्ट पढ़ नहीं पाती हूं एक दो ही पढ़ पाती हूं जो पढ़ पाते इसका मैं रिप्लाई भी दे देता हूं बहुत ही अच्छी थैंक यू मैं भी कभी नहीं कर दूंगी असमीना सुनी थी बट मैंने कभी इतना नहीं सोचा था इस तरह से बकरियों को इतना हिंसा करके मुझे गर्माहट नहीं बनी है















