
Pankaj Kumar
कभी-कभी जीवन की पीड़ा हमें तोड़ने नहीं, जगाने आती है। दर्द हमें अपने भीतर देखने, अपनी गलतियों को समझने और जीवन की सच्चाई पहचानने का अवसर देता है। शायद इसी दर्द में बदलाव का प्रकाश छिपा होता है।
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कभी-कभी जीवन की पीड़ा हमें तोड़ने नहीं, जगाने आती है। दर्द हमें अपने भीतर देखने, अपनी गलतियों को समझने और जीवन की सच्चाई पहचानने का अवसर देता है। शायद इसी दर्द में बदलाव का प्रकाश छिपा होता है।