
YOGESH
🗿 The Thinker हमें एक गहरी बात दिखाता है— हम केवल सोचते नहीं हैं, कई बार अपने विचारों में ही जीने लगते हैं। अहंकार विचारों के माध्यम से अपनी इच्छाएँ और भय मजबूत करता है। इसलिए सवाल यह नहीं कि आप कितना सोचते हैं, सवाल है—आपके विचार आपको मुक्त कर रहे हैं या बाँध रहे हैं?















