
Ashish himacha
बड़े जो कहे वो बात सही है, क्योंकि ये कलयुग है और आगे ये कलयुग बढ़ता जाएगा इसलिए जो पहले हो चुका वो सार्थक है अभी हमें उसके हिसाब से ही चलना है । सार्थक वो जो जगत में प्रचलित है, आजाद वो जिसके जगत में किसे है , साहसी वो जो किसी को भी दबा सके, विद्रोही वो जो किसी दूसरी धारा के बारे में पुरजोर गलत बोल रहा है । ये मेरी अनुभव की हुई मान्यता है ।















