
Dev Kumar
श्रद्धा दीदी ने सच में अपनी शारीरिक सीमाओं से परे जाकर मेहनत की है। श्रद्धा दीदी आप बहुत अच्छी हो। वेन्यू में पहुंचते ही मै आपसे मिला। मुझे रुकने के लिए रूम नहीं मिला था तो दीदी अपने मुझे कर्ण भैया का नंबर दिया और रूम मिलने में सहायता की। बुक साइनिंग इवेंट में आप नहीं आ पाई क्योंकि आप उस समय luggage department में volunteering कर रही थी। मैने आपसे पूछा कि दीदी आप नहीं आ रही बुक साइनिंग में तो आपने बोला कि नहीं मैं volunteering छोड़कर नहीं जा सकती…















