आपके स्वयं के पास ही वो दर्पण है लेकिन लोक धर्म के चक्कर में पड़कर वह दर्पण धूधला हो गया…
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Jyoti Tiwari
आपके स्वयं के पास ही वो दर्पण है लेकिन लोक धर्म के चक्कर में पड़कर वह दर्पण धूधला हो गया था लेकिन आचार्य जी के सानिध्य से वह मैल कटती जाएगी जीवन में उजाला होता जाएगा