हां ऐसे ही तो जीते आ रहे थे ।बिना जाने बिना समझे और बिना ये पूछे कि मैं जो कर रही…
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Pramila rajwade
हां ऐसे ही तो जीते आ रहे थे ।बिना जाने बिना समझे और बिना ये पूछे कि मैं जो कर रही हूं,जैसे जी रही हूं, वह आखिर है क्या ,मैं बस उसी में लगे रहती हूं। बहुत हद तक k. की कहानी अपनी कहानी सी लगती हैं।