
RADHA RAY
नमस्ते आचार्य जी अहंकार मनुष्य अपनी सुरक्षा के लिए,अपनी स्वाद और स्वास्थ्य के लिए क्या क्या न जुल्म ढाएंगे बेचारे इस जानवर ने क्या बिगाड़ा है वो कैसे राक्षस मनुष्य हैं जो अपने बचाव के लिए बेजुबान जानवरो कि जान लेते हैं उसको दर्द,पिड़ा देते हैं इसी तरह भेड़ के साथ होता है उनी वस्त्र के लिए उसके बाल नोचे जाते हैं मोर पंख कृष्ण के नाम पर बेचने के लिए उस मोर को कितना दर्द देकर उसके पंख नोचे जाते हैं लानत है ऐसे इंसानियत पर जो अपने सुख के लिए अपने स्व…















