
Khushi pandey
पहले मैं भी अखबार में अपनी राशि पढ़ती थी और कई बार मुझे लगता था कि उसमें लिखी बातें बिल्कुल मेरे ऊपर ही लागू हो रही हैं। लेकिन अब समझ आता है कि ऐसा इसलिए नहीं था कि वह भविष्यवाणी सच थी, बल्कि हम सामान्य बातों में भी अपने जीवन से जुड़ा अर्थ ढूँढ लेते हैं। यह पोस्ट पढ़कर अपने ऊपर भी इस ‘बार्नम इफेक्ट’ को महसूस किया। सच में, हमारा मन वही देखने और मानने लगता है जिसे वह अपने बारे में सच समझना चाहता है।















