
Braj mohan
मैं जिस तरह के वातावरण में शिक्षा दे रहा हूँ वहाँ शिक्षा का मतलब शिक्षित करना नहीं वह केवल अपनी ड्यूटी पूरी करना है l यहाँ शिक्षा का मतलब सीखना नहीं एक पेटर्न को फॉलो करना है l जब शिक्षक सही शिक्षा देने का प्रयास करता है तो वह बाकि शिक्षकों को अजीब लगता है l यहाँ तो बस कोर्स पूरा कराने पर जोर दिया जाता है सिखाने पर नहीं l हमारी शिक्षा व्यवस्था ही सिखाने पर बल नहीं देती l















