हम सब को जो बाहर से मिला उसी को मानने के लिए प्रेरित किया जाता है इसलिए मान्यता बनी रहती…
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सरोज सोनी
हम सब को जो बाहर से मिला उसी को मानने के लिए प्रेरित किया जाता है इसलिए मान्यता बनी रहती है हमे भीतरी शिक्षा मिलनी चाहिए तभी मान्यता और भ्रम मिटेगी वही काम आचार्य जी कर रहे हैं हमे मिल कर साथ देना चाहिए