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Rakhi
maine kabhi janchne ki kosis nhi ki
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1 commentmaine kabhi janchne ki kosis nhi ki

राखी जी, यही तो पकड़ने वाली बात है। भरोसा तब बन जाता है जब जाँचने की नौबत ही नहीं आई, वजह सिर्फ इतनी कि जो पहले से मन में बैठा था वह हिला नहीं। अगली बार जब कोई राय पक्की लगे, वहीं रुककर देखिए कि पुख्ता सबूत मिला है या बस पुरानी सोच को सुकून मिला है। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.org/hi/applications/re-enrolment?cmId=m00401