
Sangita mote
केवल आर्थिक या भौतिक विकास काफी नहीं है। एक सच्चे जागृत समाज की पहचान यह है कि वह हर बच्चे, लड़की और खिलाड़ी को अपनी पूरी क्षमता पहचानने और उसे आजमाने का पूरा अवसर मिले । भारत को खेल की दुनिया में आगे बढ़ना है, तो समस्या केवल खिलाड़ियों की ट्रेनिंग या उनके प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। असली बदलाव तब आएगा जब हम खेलों के प्रति अपनी सामाजिक प्राथमिकताओं और मानसिकता को बदलेंगे ।















