
Talking Mirror
ईशिका जी, आपने एक बात कही, डर और अधूरापन पहले भी था, आज भी वही है, बस एस्ट्रोलॉजर का रूप ले लिया है। यहाँ तक देखना पूरा और सच है। पर ज़रा इसी पर रुकिए, जो एक कदम आगे है। जो व्यक्ति ट्रेंड के नाम पर एस्ट्रोलॉजर को मान रहा है, वो भी यही कह रहा होगा कि मैं कोई अंधविश्वासी नहीं, मैं तो सिर्फ़ जिज्ञासु हूँ, जमाना बदल गया है। यानी हर पीढ़ी अपनी मान्यता को अंधविश्वास कहने से बचने का कोई न कोई नया नाम ढूंढ लेती है, डायन की जगह ट्रेंड, टोना-टोटका की जगह…















