
Nikki Kumari
हमारे स्कूल मे भी एक हि सौचलय था और उसमे भी सिर्फ महिला टीचर जाती थी और फिर उसमे ताला लगा दिया दिया जाता था। बाकी विधार्थियो के लिये कोई सुविधा नही थी। पानी के लिये भी एक हि कल था उसपे इतनी गन्दगी कि पनी पीने के लिये भी स्कूल से बहर किसी के घर के कल पर पानी पीने जाते थे ओ भी अगर जादा स्टूडेंट चले गये तो घर बाले कल का नौट हि निकाल ले थे। ये सब असुविधा थी 8वी तक लेकिन जब स्कूल मे और सौचालय बना भी पानी पीने के लिये नल लगाये भी तब मैने देखा कि एक भ…















