
Reba Bera
नहीं, यह बात मेरे दिल में कांटे की तरह लगी। मैं स्वार्थ के साथ इतना ऊंचा काम कर रही हूं। क्या मैं सही कर रही हूं? मैं कितनी बेईमान हूं, मेरे नाम न हो, मुझे श्रेय न मिले तो उतनी ईमानदारी से सही काम न करूं। मुझे ऐसे नहीं रहना, मेरा दिल बदल दे। बहुत बहुत आभार आपका इस पोस्ट के लिए।🙏🏾















