कोई भी मानता सच में किसी को देखने के लिए नहीं होता। असल में अहंकार को बचाने के लिए होता…
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Mithu samui
कोई भी मानता सच में किसी को देखने के लिए नहीं होता। असल में अहंकार को बचाने के लिए होता है।अहंकार को मजबूती देता है, हम हमारे अस्तित्व को अहंकार में मौजूद रखना चाहते हैं। इसीलिए हम हमारी मनाता को छोड़ना नहीं चाहते।