जैसे हम रहते है वैसा हमारी संगति रहती हैं, पद,प्रतिष्ठा , सुंदरता, पैसा , धोखा देना और…
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Sandhya Verma
जैसे हम रहते है वैसा हमारी संगति रहती हैं, पद,प्रतिष्ठा , सुंदरता, पैसा , धोखा देना और धोखा पाना। ये सब हट रहा, लेकिन धीरे धीरे , मुझे बहुत ख़ुशी है देखने की नियत दी आपने आचार्य जी 🙏
🙏❤️