Gopal sahuTranslate to Englishकुबुद्धि कभी नए प्रयोग को सराह नहीं पाती है । अहंकार की जकड़ और पकड़ मजबूत होती है । कुछ बड़े परिवर्तनों की तारीफे केवल मुर्दो के हिस्से में आती है ।