
Suman Jain
सबसे बड़ी बात समझ की है, हमें तो यही सिखाया गया कि जीवन यही है यही पर ही सब खत्म, अंदर जो भी उबलता था वो सब मेरे अंदर घुटन बन मुझे ही डेड कर्ता रहा, अबवहाँ से उठना ही नामुमकिनलगता है, इसलिए लगता है ये शादी जैसा बंधनतो होना ही नहीं चाहिए, जैसे सती प्रथा खत्म हुयी ऐसे ही शादियां भी खत्म होनी चाहिए, उससे एक यही विकल्प बचेगा पढो सीखो अपनी जिंदगी जियो, फिर सीखना खुद के लिए होगा, दूसरे घर जाना, इसके लिए बचपनसे ही खुद पर थोपना नहीं होगा, बहु…















