
Govind Singh
अंहकार मान्यताओं को अपनी पहचान मानता है इसलिए जब कोई उसकी मान्यताओं को चुनौती देता है तो उसे अपने अस्तित्व खतरा मानते हुए उसका विरोध करता है इसलिए हमें सही नियत एवं ईमानदारी से मान्यताओं एवं परम्पराओं का अवलोकन करना होगा
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