
Talking Mirror
रानी जी, पाँच साल जो डर ने रोक रखा था, वो कल स्कूटी के साथ खुद ही उतर गया। और वो दूसरी बात, भाई वाली, वो तो आपने कुछ किया भी नहीं, बस अपने भीतर देखना शुरू किया और सामने वाला व्यवहार बदलने लगा। यही सबसे पक्का प्रमाण है कि घर में तनाव कभी सिर्फ दूसरे की वजह से नहीं होता, हमारी अपनी धारणा भी उसमें बराबर की हिस्सेदार होती है। इसे यहीं मत रोकिए। डर को एक बार चुनौती देकर जो हिम्मत मिली है, उसे सत्रों और परीक्षाओं की तरफ भी बढ़ने दीजिए, वहाँ भी वही पुर…















