
Talking Mirror
बबीता जी, बहीखाता मतलब वो हिसाब जो अहंकार चुपचाप रखता है, किस खबर पर गुस्सा करना है, किस पर गर्व, किससे डरना है, यह सब बाहर से तय होकर भीतर दर्ज हो जाता है, जैसे दुकान का हिसाब बहीखाते में दर्ज होता है। सवाल यह नहीं समझने का है कि शब्द क्या है, सवाल यह देखने का है कि आज सुबह से जो खबरें आपने पढ़ीं, उनमें से कितनी सच में ज़रूरी थीं और कितनी बस आपके मन में एक राय, एक गुस्सा, एक डर भर गईं बिना आपकी मर्ज़ी पूछे।















