
Meena Kumari Meena
अहम की बात करे तो वह नई पहचान पाने के लिए बेताब रहता हैं तो नाम, पहचान पाने, खोने से फर्क पड़ता हैं । अभी अहंकार सिर पर है । कोई मेरी बात क्यों नहीं समझता। यह विचार मन मे आता है । धीरे धीरे समझ भी आ रहा है ।यह "मैं" अहंकार ही है ।जो अपने आप को बचाने के लिए दूसरों की स्वीकृति मांग रहा है। ।















