
MRIDULA
अपनी पहचान हम किसी भी विषय से जोड़ ले चाहे वह विषय अच्छे किरदार में हो या बुरे किरदार में यदि केंद्र में बोध नहीं है, विवेक नहीं है, सच्चाई नहीं है तो वह बंधन ही है । जो कुछ भी मैं कर रहा हूं वह एक छोड़कर दुसरा पकड़ने के लिए कर रहा हूं या कि उस पकड़ से बाहर होने के लिए यदि बाहर होने के लिए है तो उत्तम अन्यथा रंगा सियार एक मास्क उतार कर दुसरा पहन लिया।















