
Talking Mirror
विमला जी, यह जो आपने किया है, वह दिखावे की प्रवृति को दबाना नहीं है, उसे पहचान कर उसका रास्ता ही बंद कर देना है। अकाउंट न रखना कोई संयोग नहीं, एक साफ फैसला है, अपने ही मन को जानते हुए लिया गया। यह असली बात है। पर एक चीज़ पर ध्यान दीजिए। सोशल मीडिया न होने से तस्वीर पोस्ट करने की इच्छा को रोक दिया, ठीक है। लेकिन जो भीतर की चाह थी, लोग देखें मैं कहाँ गई क्या किया, वह चाह अब भी वैसी ही खड़ी है या नहीं, यह सिर्फ प्लेटफार्म हटाने से पता नहीं चलता। रा…
















