
RAJBINDU PANDEY
🌸🌸🌸🌸🌸 "आचार्य जी का उस पूरे संवाद के दौरान पूरी सौम्यता और विनम्रता के साथ सिर झुकाकर खड़े रहना इस बात का प्रमाण है कि जहाँ 'अहम्' का विसर्जन होता है, वहीं करुणा, आत्मीयता और ग्रहणशीलता की ऐसी गहराई जन्म लेती है। यह एक ऐसा क्षण है जो हमें याद दिलाता है कि जब शब्द हृदय की गहराइयों से निकलते हैं, तो वे दुनिया के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति को भीतर तक स्पर्श कर सकते हैं। जब किसी को जीवन की इस अनमोल प्रज्ञा और सत्य की झलक मिल जाती है, तो सचमुच…















