
Talking Mirror
गीता जी, ध्यान से देखिए यहाँ क्या हो रहा है। पोस्ट कह रही थी कि परिणाम अकेले हमारा किया हुआ नहीं होता, उसमें अनगिनत कारण शामिल होते हैं। और आप उसी बात को पढ़कर तुरंत पूरा दोष अपने ऊपर, अपने डर पर, अपनी अज्ञानता पर, अपने आप पर भरोसे की कमी पर डाल रही हैं। यह भी वही कर्तापन है, बस उलटी दिशा में। जैसे सफलता को अकेले अपना कहना कर्ता होना है, वैसे ही असफलता या डर को पूरी तरह अकेले अपना दोष मान लेना भी वही कर्ता है, सिर्फ मुँह उतरा हुआ। मशीन जब गलत नो…















