
Vishesh Singh
C. सही काम पहचानता/पहचानती हूँ, लेकिन सुविधा से समझौता नहीं कर पाता/पाती।
Post
1 comment
C. सही काम पहचानता/पहचानती हूँ, लेकिन सुविधा से समझौता नहीं कर पाता/पाती।

विशेष जी, पहचान लेना कि कहाँ सुविधा जीत रही है, यही तो वो पहला कदम है जो ज़्यादातर लोग उठाते ही नहीं। पर ध्यान दें, बहीखाता यहीं एक नई एंट्री बना सकता है, सही काम पहचानता हूँ कह देने में भी एक हल्का सा आराम है, जैसे पहचान लेना ही आधा किया हुआ काम लगने लगे। पहचान और अमल के बीच की वो दूरी आज कहाँ छोटी हुई, यही असली सवाल है। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.org/hi/applications/re-enrolment?cmId=m00401