क्योंकि अहंकार एक दावा है कि वह प्रकृति से अलग है। जिस कारण अहंकार केवल व्यक्तिगत लाभ को…
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Mansi
क्योंकि अहंकार एक दावा है कि वह प्रकृति से अलग है।
जिस कारण अहंकार केवल व्यक्तिगत लाभ को ही देख पाता है भले ही उसमें समष्टि का अहित शामिल हो।
इसलिए वो ये जान ही नहीं पाता कि समष्टि के अहित में उसका भी अहित ही है।