
Binod Shaw
गहराई से देखें तो मनुष्य परिस्थितियों से उतना नहीं बँधता, जितना उस छवि से बँधता है जो उसने अपने बारे में गढ़ रखी है। जब हम कहते हैं कि यह मेरी सीमा है, तो अक्सर हम एक तथ्य नहीं, बल्कि एक सुरक्षा कवच बयान कर रहे होते हैं। सीमा को तोड़ना केवल एक आदत या स्थिति को बदलना नहीं है, बल्कि उस पुराने मैं की मृत्यु जैसा है जिसने उस सीमा के भीतर जीना सीख लिया था।















