
kumari rani
हम इतने तरह के पहनावे को धारण करते हैं, लेकिन अच्छा है या बुरा है के अलावा एकबार नहीं सोचते कि यह बना किस प्रकिया से होगा। मेरे तरफ सर्दियों में शहद खाने का बहुत प्रचलन है, लेकिन जब मैं संस्था से जुड़ी तब मैं सोचती थी कि ऐ शहद क्यों देती है मधुमक्खी? जब पता किया तो जाना कि वो छोटी-सी जान अपने पूरे परिवार के लिए सालभर का खाना इक्कठा करती है, और हम उसके घर में आग लगाकर उसका खाना छीन लेते हैं। है न शर्म की बात?















