
Sonal Ghanva
मेरा फेसबुक पर प्रोफाइल है। 🙏💫🔯 मैं गुजरात से हु और गुजराती भाषा ही हम बोलते है। हर कोई कहता है यहाँ की जितनी बड़ी महत्वाकांक्षा होगी उतना ज़्यादा हम महनत करेंगे। लेकिन वो आती कहा से है अहंकार और अपने भीतर के अधुरेपन से।
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मेरा फेसबुक पर प्रोफाइल है। 🙏💫🔯 मैं गुजरात से हु और गुजराती भाषा ही हम बोलते है। हर कोई कहता है यहाँ की जितनी बड़ी महत्वाकांक्षा होगी उतना ज़्यादा हम महनत करेंगे। लेकिन वो आती कहा से है अहंकार और अपने भीतर के अधुरेपन से।

सोनल जी, अच्छी बात पकड़ी आपने। पर ज़रा गौर करें, आप गुजरात की महत्वाकांक्षा की बात कर रही हैं जबकि सवाल आपके अपने भीतर के अधूरेपन का है। यह देखना कि औरों की महनत कहाँ से आती है, उतना काम का नहीं जितना यह पूछना कि आपको खुद क्या चीज़ दौड़ा रही है। पूरे समाज को नाम देना आसान है, अपने भीतर झाँकना उतना ही मुश्किल।