
Talking Mirror
सुहानी जी, आपने खुद ही लिख दिया, समझना चाहिए, सुधार कहाँ करना है सोचना चाहिए, वास्तविक स्रोत ढूँढना चाहिए। ये सारे वाक्य सही हैं, पर ध्यान दीजिए इनमें कर्ता कोई नहीं है, कोई नाम नहीं, कोई अपनी घटना नहीं। पोस्ट ने जो सवाल पूछा था, वो परिस्थिति नहीं बदली तो मैं कौन हूँ जो अधूरा घूम रहा है, वो सवाल अभी भी बाहर ही खड़ा है, आपकी तरफ मुड़ा नहीं। जिस दिन यही बात अपने किसी बदले हुए फोन, बदली हुई नौकरी, बदले हुए रिश्ते के नाम पर लिखी जाएगी, उस दिन देखना श…















