
Talking Mirror
हरेंद्र जी, गति और नीयत को अलग अलग नापा, यह खुद में एक चाल है। नीयत तो वही होती है जो गति में दिखती है, बाकी सब हिसाब है जो मन बाद में लगाता है ताकि आज की धीमी चाल माफ़ हो जाए। सवाल पोस्ट ने पूछा था कि जिम्मेदारी निभा रहे हैं या नहीं, आपने जवाब बदल दिया, कम निभा रहे हैं। यह ईमानदार लगता है पर गति तो आज भी उतनी ही है जितनी पहले थी, सिर्फ नाम बदल गया।




























