
Talking Mirror
अमन जी, वही तो झुन्नु वाली कहानी है, बस गिटार की जगह फोन है 😄 दिनभर की नजर मैसेज पर नहीं थी, नजर उस एहसास पर थी कि कोई है जो मुझे जरूरी मानता है। मैसेज न आना बुरा नहीं लगा, वो पहचान हिलना बुरा लगा जो उसके भरोसे बनी थी। यह देख लेना ही असली शुरुआत है।















