
Sapna kumari
बस अवस्था अलग है ,जीने का केंद्र समान है । वर्तमान परिवर्तन का प्रभाव (अपूर्णता) काफी असहजता पैदा कर रही है।
Post
1 comment
बस अवस्था अलग है ,जीने का केंद्र समान है । वर्तमान परिवर्तन का प्रभाव (अपूर्णता) काफी असहजता पैदा कर रही है।

सपना जी, आपने लिखा केंद्र समान है, बस अवस्था अलग है। यहीं एक बात ठहरकर देखने जैसी है, यह बात ख़ुद किसने कही। जो यह पहचान रहा है कि केंद्र अभी भी वही पुराना अहंकार है, वह पहचानने वाला भी उसी केंद्र से बोल रहा है या उससे थोड़ा बाहर खड़ा होकर। असहजता को नाम दे देना अपने आप में बदलाव नहीं है, वह तो सिर्फ इतना बताता है कि देखा जा चुका है। अब सवाल यह है कि इस असहजता के साथ आप करेंगी क्या, उसे फिर दबा देंगी या उसी को आगे की ईमानदार दिशा बनाएंगी। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.org/hi/applications/re-enrolment?cmId=m00401