
Ashish balaskar
आज खेलों की बात होते ही हमारी प्राथमिकता अक्सर क्रिकेट तक सीमित हो जाती है। T20 और IPL की चर्चा खूब होती है, लेकिन एथलेटिक्स, तीरंदाजी, कुश्ती और दूसरे खेलों को उतना ध्यान नहीं मिलता, खासकर महिला खिलाड़ियों को। मैं इस बात से सहमत हूँ कि केवल सरकार के प्रयासों से बदलाव नहीं आएगा। जब तक घर और समाज की सोच नहीं बदलेगी, तब तक लड़कियों के लिए खेलों में आगे बढ़ना आसान नहीं होगा। हमारे खिलाड़ियों ने देश का नाम रोशन किया है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि हम हर…















