
Brahma kumari Rao
आचार्य जी के अनुसार, अहंकार (ईगो) का सीधा अर्थ है—'मैं' या खुद के बारे में एक झूठी कल्पना बना लेना। जब कोई व्यक्ति अपने बारे में सोचता है कि "मैं ऐसा हूँ, मैं वैसा हूँ" और बिना सच्चाई जाने उसे ही सच मान लेता है, तो वह भावना अहंकार कहलाती है। यह एक अधूरापन है जो खुद को शरीर और विचारों से जोड़कर पूर्णता पाना चाहता है।अहंकार के मुख्य लक्षणझूठी पहचान: खुद को किसी नाम, शरीर, या पद से जोड़कर देखना।कल्पना और धारणा: अपने बारे में बिना सोचे-समझे धारणाएं…















