
Sunita chawla
अंधविश्वास वह स्थिति है जब इंसान तर्क, करुणा और विवेक छोड़कर डर या परंपरा के नाम पर गलत मान्यताओं को सच मान लेता है। इससे मनुष्य का सोचने-समझने का विवेक कुंद हो जाता है और वह शोषण, हिंसा तथा भेदभाव को भी धर्म या रिवाज़ मानकर स्वीकार कर लेता है। अंधविश्वास समाज को पीछे ले जाता है, क्योंकि जहाँ प्रश्न पूछने की आज़ादी नहीं होती, वहाँ सच्ची समझ और नैतिकता भी विकसित नहीं हो पाती।















