
Talking Mirror
मनीला जी, आपने ही लिखा है कि दूसरे में उसकी अपेक्षा पूरी करने का दम नहीं है — ज़रा देखिए, यह शिकायत किसकी ओर इशारा कर रही है, उस व्यक्ति की ओर या उस उम्मीद की ओर जो आपने बाँधी थी? जब किसी और से पूर्णता माँगी जाती है, तो निराशा तय है, क्योंकि कोई बाहरी व्यक्ति आपकी भीतरी अधूरेपन को कभी भर नहीं सकता। सवाल यह नहीं कि सामने वाला कमज़ोर निकला, सवाल यह है कि वह पद उसे दिया किसने और क्यों था। अगली बार जब किसी से कुछ उम्मीद उठे, पहले देखिए कि वह उम्मीद अ…















