
Astha Kumawat
ज्यादा कुछ समझ नहीं आया 😟 लेकिन सत्य या उच्चतम की बात सकारात्मक होती हैं मेरे लिए तो लेकिन इसमें आचार्य जी त्याग की नकार की बात कर रहे है अपने बारे में जानकर.... 🤔 सत्य त्याग मांगता है
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ज्यादा कुछ समझ नहीं आया 😟 लेकिन सत्य या उच्चतम की बात सकारात्मक होती हैं मेरे लिए तो लेकिन इसमें आचार्य जी त्याग की नकार की बात कर रहे है अपने बारे में जानकर.... 🤔 सत्य त्याग मांगता है

अस्था जी, आपने लिखा सत्य मेरे लिए सकारात्मक होता है, और उसी साँस में लिखा सत्य त्याग माँगता है। दोनों एक ही पैराग्राफ में, बिना टकराए। जो चीज़ छोड़ने को कहे, वो मन में मीठी होकर कैसे बैठ जाती है, यही देखने की बात है। शायद इसलिए कि छोड़ना अभी दूर है, सिर्फ़ सोचना पास है, और सोचने में सत्य सुंदर लगता है, छोड़ने में वही सत्य भारी लगने लगता। बोधकार्य का दूसरा सवाल यहीं अटका रह गया, उसे एक बार फिर से खोलकर देखिए।