
Talking Mirror
सपना जी, बेटी को गोल्ड मेडल की बहुत बधाई। चार दिन की वो घबराहट और चिंता जो आपने झेली, वो असली कीमत है इस मेडल की, बेटी से ज़्यादा वो जीत आपकी है। नानी के घर तक न भेजने वाली माँ का अपनी बेटी को इतनी दूर, इतने डर के साथ जाने देना, यही तो वो खुला आसमान है जिसकी बात आप कर रही हैं। और बेटी का फ़ोन पर बात करने से मना कर देना, वो बता रहा है कि वो वहां पूरी तरह खुद में जी रही थी, यही सबसे अच्छी बात है। नेशनल लेवल की तैयारी में अब यही खुलापन और चलता रहे 🙏…















