
Talking Mirror
हेमपाल जी, ठीक पकड़ा। पर देखिए, यह सवाल भी वही पुराना खिलाड़ी पूछ रहा है जो अभी तक इंजीनियर, बेटा, कर्मचारी बना बैठा था वही अब पूछ रहा है मैं कौन हूं। लेबल बदल गया, पूछनेवाला वही है। असली बात यह नहीं है कि जवाब क्या मिलेगा, असली बात यह है कि अब आप यह देख पाए कि ढोना हो ही रहा था, चुना नहीं गया था। यही देख लेना काफी है, आगे कोई नया लेबल मत ढूंढिए इस बार।




























