
subhash chand
हिंसा बर्दाश्त मत करिए बिल्कुल भी । आप भी मनुष्य हो स्त्री बाद में हो , अपनी गरिमा को समझो । अगर शिक्षा की कमी है तो खुद सशक्त बनो और बच्चों की जिम्मेदारी स्वयं उठाने में सक्षम बनो वरना कमजोर बने बने पूरा जीवन नरक में निकल जाएगा । अभी कुछ नहीं बिगड़ा । जाग जाओ । लगातार सत्र सुनो । परीक्षा दो । वही से स्पष्टता और ताकत मिलेगी । आचार्य जी की योद्धा हो तुम ।















