Sangita moteTranslate to Englishसंकट की ख़बर सुनकर हमारा ध्यान 'अपनी थाली' पर नहीं, बल्कि उस 'मूल केंद्र' यानी मनुष्य के भीतरी अज्ञान और अंतहीन लोभ पर जाना चाहिए।