RekhaTranslate to Englishआचार्य जी से समझ आया कि अपने अहंकार और पुरानी मान्यताओं को पकड़े रहना ही बंधन है। सच्ची आज़ादी तब है, जब मैं इस झूठे “मैं” को पहचानकर उससे आगे बढ़ूँ।